LIC पॉलिसी सरेंडर करने का निर्णय बहुत बड़ा है - और अक्सर लोग जल्दबाजी में यह गलती करते हैं। मैंने 31 वर्षों में हजारों लोगों को देखा है जो सरेंडर के बाद पछताते हैं।
सरेंडर करने से पहले ये 5 बातें जरूर जानें:
1. पेड-अप का विकल्प आजमाएं
अगर 3 साल का प्रीमियम भर चुके हैं, तो पॉलिसी पेड-अप हो सकती है। मतलब: प्रीमियम बंद करें, लेकिन पॉलिसी मैच्योरिटी तक चलती रहेगी। कम रकम मिलेगी, लेकिन जीरो तो नहीं।
2. लोन का विकल्प
लगभग सभी LIC एंडोमेंट और मनी बैक प्लान्स पर 3 साल बाद 90% सरेंडर वैल्यू तक लोन मिलता है। ब्याज दर: 9-10% प्रति वर्ष। कैश की जरूरत हो तो लोन लें - पॉलिसी बनी रहेगी।
3. सरेंडर वैल्यू की गणना करें
पहले सटीक सरेंडर वैल्यू पता करें। हमारे सरेंडर वैल्यू कैलकुलेटर का उपयोग करें। अक्सर लोग सोचते हैं ज्यादा मिलेगा, लेकिन मिलता कम है।
4. भविष्य की मैच्योरिटी का हिसाब लगाएं
मान लीजिए सरेंडर पर ₹2 लाख मिलते हैं, लेकिन अगर 10 साल और चलाएं तो ₹12 लाख मिलेंगे। क्या वाकई अभी ₹2 लाख की जरूरत है?
5. टैक्स का असर
नई टैक्स रिजीम में LIC का प्रीमियम 80C से बाहर है। लेकिन सरेंडर से मिली रकम पर टैक्स देना पड़ सकता है।
कब सरेंडर सही है?
- ▸पॉलिसी सच में बहुत खराब थी (1990 के दौर की पुरानी मनी बैक)
- ▸परिवार की मेडिकल इमरजेंसी - और कोई रास्ता नहीं
- ▸लोन की EMI न भर पाना - और पॉलिसी लोन भी नहीं बची
सरेंडर करने से पहले 9415313434 पर एक बार अजय सर से बात करें।
