भारतीय परिवारों को बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बेहद पसंद है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी सेवानिवृत्ति की राशि, जमीन बेचने से मिले पैसे या त्योहारी बोनस के लिए एफडी ही पहली पसंद रही है। लेकिन 2026 में, उच्च टैक्स दायरे (Tax Slabs) और महंगाई के कारण पूरी एकमुश्त बचत को बैंक एफडी में रखना घाटे का सौदा हो सकता है। आइए बैंक एफडी की तुलना एलआईसी धन वृद्धि (प्लान 869) से करें।

आइए प्रमुख स्तंभों पर दोनों की तुलना करें:

  1. रिटर्न (Return):
    • बैंक एफडी: वर्तमान में 5 से 10 वर्षों के लिए लगभग 6.8% से 7.2% की वार्षिक ब्याज दर।
    • एलआईसी धन वृद्धि: बीमा राशि पर ₹60 से ₹75 प्रति हजार वार्षिक की दर से गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ (Guaranteed Additions) मिलता है। यह लगभग 5.8% से 6.2% का निश्चित सालाना रिटर्न देता है।
  1. टैक्स ट्रीटमेंट (टैक्स का अंतर - सबसे महत्वपूर्ण):

    • बैंक एफडी: एफडी का ब्याज हर साल आपकी कर श्रेणी (Tax Slab) के अनुसार पूरी तरह से कर योग्य (Taxable) होता है। यदि आप 30% टैक्स ब्रैकेट में हैं, तो 7% एफडी का वास्तविक रिटर्न घटकर केवल 4.9% रह जाता है। साथ ही ₹40,000 से अधिक ब्याज पर 10% टीडीएस भी कटता है।
    • एलआईसी धन वृद्धि: आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत परिपक्वता (Maturity) पर मिलने वाला पूरा पैसा 100% टैक्स फ्री है। इस पर कोई टैक्स या टीडीएस नहीं कटता, जिससे 6% का टैक्स-फ्री रिटर्न 7% के टैक्सेबल एफडी रिटर्न से बहुत बेहतर हो जाता है।
  2. जीवन बीमा कवर:

    • बैंक एफडी: कोई जीवन बीमा कवर नहीं मिलता। मृत्यु होने पर नॉमिनी को केवल जमा राशि + ब्याज मिलता है।
    • एलआईसी धन वृद्धि: चूंकि यह एक बीमा उत्पाद है, इसमें इन-बिल्ट मृत्यु कवर मिलता है। पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को भुगतान किए गए सिंगल प्रीमियम का 1.25 गुना (विकल्प 1) या 10 गुना (विकल्प 2) तक का गारंटीशुदा कर-मुक्त मृत्यु लाभ मिलता है।
  3. लॉक-इन और तरलता:

    • बैंक एफडी: उच्च तरलता। आप कभी भी एफडी तुड़वा सकते हैं, हालांकि बैंक 1% का जुर्माना लेता है।
    • एलआईसी धन वृद्धि: आप 2 साल बाद पॉलिसी सरेंडर कर सकते हैं या उस पर कम ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं।

निष्कर्ष: यदि आपका उद्देश्य पूर्ण सुरक्षा, टैक्स की बचत और एक गारंटीशुदा कर-मुक्त कोष बनाना है, तो बैंक एफडी की तुलना में एलआईसी धन वृद्धि एक बेहतर विकल्प है, खासकर यदि आप 20% या 30% टैक्स स्लैब में आते हैं। आपातकालीन खर्चों के लिए कुछ पैसा एफडी में रखें और शेष राशि को कर-मुक्त वृद्धि के लिए धन वृद्धि में लगाएं। 9415313434 पर कॉल करें।